“रोहतास में रीलबाज़ों पर वन विभाग का शिकंजा: वायरल वीडियो के बाद दो नाबालिगों पर एक्शन, अब नियम तोड़ा तो सीधे होगी कानूनी कार्रवाई : रेंजर दीपक कुमार”
न्यूज़ डेस्क : रोहतास | दैनिक भारतवर्ष
पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही कैमूर की हरी-भरी वादियों और झरनों की खूबसूरती का दीदार करने के लिए रोज़ाना सैकड़ों सैलानी रोहतास पहुंच रहे हैं। लेकिन प्राकृतिक सौंदर्य का मज़ा लेने के चक्कर में कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालने से भी बाज़ नहीं आ रहे। कैमूर पहाड़ी के खतरनाक मोड़ों और झरनों के पास रील बनाने और स्टंटबाज़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब रोहतास वन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

सावन में उमड़ी भीड़, पर रील के चक्कर में जोखिम में डाल रहे जानसोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, हरकत में आया रोहतास वन विभागपरिजनों की मौजूदगी में डिलीट कराई रील, भरवाया गया बॉन्डकैमूर की पहाड़ियों पर इन 3 गलतियों पर पूरी तरह बैन लागू हैवन अधिनियम (Forest Act) के तहत होगी कठोर कानूनी कार्रवाईपर्यटन के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी जरूरी: रेंजर की अपील
रीलबाज़ों पर पहली गाज: दो नाबालिगों से भरवाया गया माफ़ीनामा
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ था, जिसमें दो नाबालिग लड़के कैमूर पहाड़ी की ऊंचाइयों पर खतरनाक तरीके से स्टंट करते और रील बनाते नज़र आ रहे थे। मामला संज्ञान में आते ही रोहतास वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की।
वन विभाग की टीम ने दोनों लड़कों को चिन्हित कर कार्यालय तलब किया। रोहतास रेंजर दीपक कुमार की मौजूदगी में दोनों नाबालिगों से सोशल मीडिया पर अपलोड की गई रील को डिलीट कराया गया। इसके बाद, उनके परिजनों को बुलाकर भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की सख्त हिदायत दी गई और बॉन्ड (माफ़ीनामा) भरवाकर उन्हें छोड़ा गया।
“कैमूर पहाड़ी हमारी प्राकृतिक धरोहर है। यहाँ वन्यजीवों को परेशान करना, कूड़ा-कचरा फैलाना या जान जोखिम में डालकर रील बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सैलानी यहाँ आएं, प्रकृति का आनंद लें, लेकिन नियमों के दायरे में रहकर जिम्मेदार पर्यटन अपनाएं।”
— दीपक कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर), रोहतास
अब नियम तोड़ा तो सीधे होगी जेल और जुर्माना!
वन विभाग ने सावन के इस महीने में कैमूर आने वाले पर्यटकों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने साफ़ कर दिया है कि भविष्य में अगर कोई भी व्यक्ति नीचे दी गई हरकतों में लिप्त पाया गया, तो उस पर भारतीय वन अधिनियम (Forest Act) की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई होगी:
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खतरनाक रील या स्टंटबाज़ी: पहाड़ों के किनारों, झरनों के मुहाने या प्रतिबंधित क्षेत्रों में वीडियो बनाना।
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गंदगी फैलाना: प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन या खाने-पीने का सामान फेंककर पर्यावरण को नुकसान पहुँचाना।
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वन्यजीवों को परेशान करना: जंगलों में तेज़ आवाज़ में संगीत बजाना या जानवरों को छेड़ना।
‘दैनिक भारतवर्ष’ की अपील
कैमूर की वादियां बिहार की खूबसूरती का गर्व हैं। सावन का महीना भक्ति, शांति और प्रकृति से जुड़ने का समय है। ‘दैनिक भारतवर्ष’ अपने सभी पाठकों और पर्यटकों से अपील करता है कि कैमूर भ्रमण के दौरान अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और वन विभाग के नियमों का पालन कर एक ज़िम्मेदार नागरिक का फर्ज़ निभाएं।
